Monday, December 6, 2010

Message of peace अमन का पैग़ाम (एक इच्छा और वसीयत भारत माता की)



पैग़ाम है  माँ  का  ये  बेटे  के  नाम
 तेरा काम
है देना अमन का पैग़ाम

क्या माँ ने झूठ बोला था सोचा बहुत सुबह शाम
फिर सवाल किया मैंने लेकर प्रभु का नाम
निहारा उसने ऐसे मुझको जैसे मैं घनश्याम
फिर यूँ बोली मुझसे बेटा मत दे इल्ज़ाम
जो कहा उसे तू इक वसीयत समझ मेरी
जिसे पूरा करना ही अब है तेरा काम
हंस यहां अपशकुन करे जंगल जले तमाम
हर पेड़ पे लिखना अल्लाह तू पात पात पे राम
अपने रूप सा सुंदर तू बनाना दुनिया सारी
हर जन को पहुंचाकर 'अमन का पैग़ाम'
(मशहूर शायर जनाब अमीर नहटौरी के कलाम से मुतास्सिर होकर)

आग नफ़रत की दिलों से तुम बुझा दो लोगो
प्यार के फूल गुलशन में फिर खिला दो लोगो

हमने वेद ओ क़ुरआन से यही सीखा है
दर्स वहदत का दुनिया को पढ़ा दो लोगो

एक थे एक हैं और एक रहेंगे हम सदा
यह अमल करके दुश्मन को दिखा दो लोगो

विनती हरेक से यही करता है अनवर
धर्म के लिए मत की हर दिवार गिरा दो लोगो
(मशहूर शायर जनाब अमीर नह्टोरी के कलाम से मुतास्सिर होकर)

..........
वहदत-एकत्व 

8 comments:

एस.एम.मासूम said...

शुक्रिया अनवर जमाल साहब

DR. ANWER JAMAL said...

@ हुज़ूर मोहतरम ! क़द्रदानी के लिए बंदा आपका मशकूर है ।

अर्ज़ किया है कि-

आग नफ़रत की दिलों से तुम बुझा दो लोगो
प्यार के फूल गुलशन में फिर खिला दो लोगो

हमने वेद ओ क़ुरआन से यही सीखा है
दर्स वहदत का दुनिया को पढ़ा दो लोगो

एक थे एक हैं और एक रहेंगे हम सदा
यह अमल करके दुश्मन को दिखा दो लोगो

विनती हरेक से यही करता है अनवर
धर्म के लिए मत की हर दिवार गिरा दो लोगो
(मशहूर शायर जनाब अमीर नह्टोरी के कलाम से मुतास्सिर होकर)

..........
वहदत-एकत्व

एस.एम.मासूम said...

बहुत खूब जमाल साहब

Tarkeshwar Giri said...

Chalo kam se kam ek bada bhai to sudhara

DR. ANWER JAMAL said...

@ जनाब मासूम साहब !
आज तामीरी फ़िक्र की ज़रूरत है ,आप जैसे कुछ और अमन के कारकुनों की ब्लॉगजगत को सख्त ज़रूरत है .
आपकी आमद नेकी को तनावर बनाती है .

DR. ANWER JAMAL said...

@ भाई तारकेश्वर जी ! आप आये तो सही .
आज तामीरी फ़िक्र की ज़रूरत है.
आपसे सहयोग की आशा है .

Shah Nawaz said...

बहुत बढ़िया सन्देश अनवर भाई.... लेकिन यह फोटो देख कर तड़प उठा हूँ...

Tarkeshwar Giri said...

Main apke pair pakdta hun, Please ye photo hata de.......


Please..................